ई-टेंडरिंग डिजिटल सिग्नेचर का वह उपयोग है जहाँ गलत प्रकार का सर्टिफिकेट लेने पर सिर्फ़ समय नहीं, बल्कि पूरा टेंडर हाथ से निकल जाता है। सांविधिक फ़ाइलिंग के लिए सिर्फ़ साइनिंग सर्टिफिकेट लगता है, लेकिन टेंडर की बोलियों के लिए आमतौर पर साइनिंग और एन्क्रिप्शन दोनों की ज़रूरत होती है, क्योंकि आपकी व्यावसायिक बोली जमा होते समय एन्क्रिप्ट होती है और टेंडर खुलने की तय तारीख के बाद ही खोली जा सकती है।
अगर आप इसी हफ़्ते बोली लगाने जा रहे हैं और आपको पक्का नहीं पता कि आपके हाथ में कौन-सा सर्टिफिकेट है, तो हमें पोर्टल का नाम बताइए — हम दो मिनट में पुष्टि कर देंगे।
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बोलियों के लिए कॉम्बो सर्टिफिकेट क्यों ज़रूरी है
टेंडर जमा करते समय दो अलग-अलग क्रिप्टोग्राफ़िक काम होते हैं:
- साइनिंग (Signing) यह साबित करती है कि बोली आपकी तरफ़ से आई है और उसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।
- एन्क्रिप्शन (Encryption) बोली के वित्तीय (कमर्शियल) हिस्से को सील कर देती है ताकि टेंडर खुलने के सार्वजनिक समय से पहले खरीदार विभाग सहित कोई भी उसे न पढ़ सके।
सिर्फ़ साइनिंग वाला सर्टिफिकेट पहला काम तो कर देता है, लेकिन दूसरे पर फ़ेल हो जाता है। पोर्टल आमतौर पर आपको लॉग इन करने और तकनीकी दस्तावेज़ अटैच करने देगा, फिर ऐन एन्क्रिप्शन के समय मना कर देगा — जो कि पता चलने का सबसे ख़राब समय होता है।
किसी भी टेंडर के काम के लिए Class 3 कॉम्बो — साइनिंग प्लस एन्क्रिप्शन — ही लें। यह सिर्फ़ साइनिंग वाले से थोड़ा-सा महंगा होता है, लेकिन इस पूरी समस्या को जड़ से ख़त्म कर देता है। अगर आपके पास पहले से साइनिंग सर्टिफिकेट है और टेंडर की तारीख नज़दीक है, तो उसके साथ के लिए अलग से एन्क्रिप्शन सर्टिफिकेट भी जारी कराया जा सकता है।
प्रमुख पोर्टल क्या माँगते हैं
हर सरकारी विभाग की शर्तें अलग होती हैं, इसलिए इसे सामान्य स्थिति मानकर अपने टेंडर दस्तावेज़ से मिलान अवश्य करें।
- GeM (गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस) — विक्रेता और खरीदार दोनों GeM पर साइन करते हैं। सामान्य विक्रेता गतिविधियों के लिए Class 3 साइनिंग काफ़ी है; GeM टेंडर और रिवर्स ऑक्शन में बोली लगाते समय एन्क्रिप्शन की आवश्यकता होती है।
- IREPS (भारतीय रेल) — Class 3 कॉम्बो। IREPS इस बात को लेकर काफ़ी सख़्त है कि बोली लगाने से पहले सर्टिफिकेट आपके सही यूज़र प्रोफ़ाइल से जुड़ा होना चाहिए।
- CPWD और राज्यों के PWD पोर्टल — Class 3 कॉम्बो, बोलीदाता फर्म के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के नाम पर।
- MSTC, NIC eProcurement और अधिकांश राज्य पोर्टल — Class 3 कॉम्बो, किसी व्यक्ति विशेष के नाम जारी जो संस्था का अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता हो।
एक आम भ्रम: सर्टिफिकेट हमेशा किसी प्राकृतिक व्यक्ति के नाम जारी होता है। संस्था के सर्टिफिकेट में अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता और कंपनी दोनों का नाम एक साथ होता है। बिना किसी इंसान के नाम के सीधे किसी कंपनी के नाम पर कोई सर्टिफिकेट जारी नहीं होता।
ज़रूरी दस्तावेज़
टेंडर में बोली लगाने वाली संस्था के लिए आम तौर पर ये कागज़ात लगते हैं:
- Certifying Authority का भरा हुआ एप्लिकेशन फ़ॉर्म
- हस्ताक्षरकर्ता का PAN कार्ड — नाम आवेदन से अक्षर-दर-अक्षर मिलना चाहिए
- हस्ताक्षरकर्ता के पते का प्रमाण
- संस्था का PAN कार्ड
- इनकॉर्पोरेशन सर्टिफिकेट, पार्टनरशिप डीड या रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट
- हस्ताक्षरकर्ता को अधिकृत करने वाला बोर्ड रेज़ोल्यूशन या अधिकार-पत्र
- जहाँ लागू हो, GST रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट
- संस्था का बैंक स्टेटमेंट या रद्द किया हुआ चेक
- हाल की पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो, और चालू मोबाइल नंबर व ईमेल जो आपके नियंत्रण में हो
दस्तावेज़ और प्रक्रिया की पूरी गाइड में व्यक्तियों और विदेशी नागरिकों के नियम भी दिए गए हैं।
सर्टिफिकेट FIPS टोकन पर ही होना चाहिए
Class 3 सर्टिफिकेट FIPS 140-2 या 140-3 प्रमाणित USB टोकन पर ही जारी होते हैं। कंप्यूटर या ब्राउज़र में रखा सॉफ़्टवेयर सर्टिफिकेट अमान्य होता है और कोई भी टेंडर पोर्टल उसे स्वीकार नहीं करेगा। अगर आपके पास पहले से चालू टोकन है जिसमें खाली स्लॉट है, तो नया खरीदने की ज़रूरत नहीं है — USB टोकन गाइड में बताया गया है कि कौन-सा टोकन कैसा दिखता है और कौन-सा प्लग एंड प्ले है।
पोर्टल पर सर्टिफिकेट कैसे रजिस्टर करें
सर्टिफिकेट जारी होना आधा काम है। हर प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर बोली स्वीकार करने से पहले सर्टिफिकेट को अपने लॉगिन से जोड़ना (Register / Map DSC) होता है:
- टोकन का ड्राइवर इंस्टॉल करें और टोकन कंप्यूटर में लगाएँ।
- जिस अकाउंट से बोली जमा करनी है, उससे टेंडर पोर्टल पर लॉग इन करें।
- प्रोफ़ाइल सेक्शन में DSC रजिस्ट्रेशन या “Map DSC” का विकल्प खोलें।
- जब ब्राउज़र पूछे, अपना सर्टिफिकेट चुनें और पुष्टि करें।
- यदि पोर्टल टेस्ट साइनिंग का विकल्प देता है, तो एक बार साइन करके देख लें।
यह काम टेंडर की अंतिम तारीख से बहुत पहले कर लें, ऐन उसी दिन नहीं। सर्टिफिकेट के नाम और पोर्टल प्रोफ़ाइल के नाम में मिसमैच होने पर विभाग से सुधार कराना पड़ता है, जो उसी दोपहर में नहीं हो सकता।
जब पोर्टल आपके सर्टिफिकेट को न पहचाने
“टेंडर साइट पर मेरा DSC काम नहीं कर रहा” वाली लगभग हर समस्या इन कारणों से होती है:
- टोकन ड्राइवर न होना। जो टोकन Windows को नहीं दिखता, उसे पोर्टल भी नहीं देख सकता। अपने टोकन का ड्राइवर डाउनलोड पेज से लें।
- जावा (Java) या साइनिंग एप्लेट। कई पोर्टल जावा-आधारित साइनिंग पर चलते हैं। उस कॉम्पोनेंट का इंस्टॉल होना और उस साइट के लिए अनुमत होना ज़रूरी है।
- ब्राउज़र सेटिंग्स। ट्रस्टेड-साइट सेटिंग्स और ActiveX या प्रोटेक्टेड मोड साइनिंग प्रॉम्प्ट को पूरी तरह रोक सकते हैं। ब्राउज़र कॉन्फ़िगरेशन गाइड इसे ठीक करने का तरीक़ा बताती है।
- एन्क्रिप्शन के चरण पर सिर्फ़ साइनिंग वाला सर्टिफिकेट होना। अगर बाकी सब काम कर रहा है और सिर्फ़ बोली सील करते समय फ़ेल होता है, तो वजह यही है।
- सर्टिफिकेट एक्सपायर होना। तय समय सीमा समाप्त होते ही सर्टिफिकेट तुरंत काम करना बंद कर देता है।
जारी होने में कितना समय लगता है
कागज़ात पूरे होने पर संस्था का आवेदन आम तौर पर उसी दिन से लेकर एक-दो कार्यदिवस में जारी हो जाता है। बोर्ड रेज़ोल्यूशन और ऑथराइज़ेशन लेटर की जाँच में थोड़ा समय लगता है, क्योंकि Certifying Authority यह पुष्टि करती है कि हस्ताक्षरकर्ता वास्तव में वही पद रखता है।
अगर आपका टेंडर इसी हफ़्ते बंद हो रहा है, तो हमें पहले ही बता दें। इससे हम आवेदन को सबसे तेज़ Certifying Authority के पास भेजते हैं।
टेंडर की अंतिम तारीख नज़दीक है? हमें पोर्टल और टेंडर बंद होने की तारीख बताइए — हम ठीक-ठीक बता देंगे कि आपको क्या चाहिए और जो सर्टिफिकेट आपके पास है वह चलेगा या नहीं। फ़ोन करें +91 89200 56551, +91 120 4321443 या +91 93547 14615, सोम–शनि, 9:30 AM–6:30 PM।
तीन बातें बताइए और हम कोटेशन दे देंगे
- आप किस पोर्टल पर बोली लगाने जा रहे हैं — GeM, IREPS, CPWD, MSTC या कोई राज्य पोर्टल।
- कितने हस्ताक्षरकर्ताओं को बोलियाँ साइन करनी हैं।
- क्या आपके पास पहले से खाली स्लॉट वाला USB टोकन है।
सटीक कीमत तय करने के लिए इतना काफ़ी है, जिसमें यह भी शामिल है कि आपको नया टोकन चाहिए भी या नहीं।
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