E-SignIndia Aadhaar eSign और Digital Signature Certificate, दोनों उपलब्ध कराता है। आपको किसकी ज़रूरत है, यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आप क्या साइन कर रहे हैं और उसे कहाँ जमा करना है।
eSign भारत की ऑनलाइन इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर सेवा है। इसमें प्रमाणपत्र किसी USB token में नहीं रखा जाता — हस्ताक्षरकर्ता आमतौर पर Aadhaar OTP या बायोमेट्रिक से अपनी पहचान प्रमाणित करता है, और Certifying Authority उसी समय एक अल्पावधि प्रमाणपत्र जारी करके दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर कर देती है।
eSign और token पर रखा Digital Signature Certificate, दोनों ही सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत कानूनी रूप से वैध इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर बनाते हैं। लेकिन दोनों अलग-अलग स्थितियों के लिए बने हैं, और गलत विकल्प चुनने पर समय और पैसा दोनों बर्बाद होते हैं।
eSign लें या USB token पर DSC?
| eSign | USB token पर DSC | |
|---|---|---|
| हस्ताक्षर कैसे होता है | ऑनलाइन, हर लेन-देन पर पहचान प्रमाणित करके | token लगाइए और साइन कीजिए |
| प्रमाणपत्र की अवधि | हर हस्ताक्षर पर जारी, बहुत कम अवधि | आमतौर पर 1 से 3 साल |
| हार्डवेयर | कोई नहीं | FIPS प्रमाणित USB token ज़रूरी |
| पहचान की जाँच | Aadhaar आधारित | जारी करते समय KYC दस्तावेज़ |
| ऑफ़लाइन चलता है | नहीं | हाँ, एक बार इंस्टॉल होने के बाद |
| e-tendering में मान्य | आमतौर पर नहीं | हाँ, Class 3 |
| किसके लिए बेहतर | बड़ी संख्या में दस्तावेज़ साइन करना, onboarding, एग्रीमेंट | वैधानिक फाइलिंग और सरकारी पोर्टल |
eSign कब सही विकल्प है
eSign उन कामों के लिए है जहाँ हस्ताक्षर बड़ी संख्या में और ऑनलाइन होते हैं — ग्राहक onboarding, लोन और बीमा के कागज़ात, किराया और वेंडर एग्रीमेंट, HR दस्तावेज़, सहमति फ़ॉर्म। न कोई हार्डवेयर भेजना पड़ता है, न कुछ इंस्टॉल करना पड़ता है, और न token के आने का इंतज़ार करना पड़ता है। अगर आप कई अलग-अलग लोगों के साथ बहुत सारे दस्तावेज़ साइन कर रहे हैं, तो eSign लगभग हमेशा बेहतर रहता है।
इसके बजाय token पर DSC कब चाहिए
भारत के ज़्यादातर सरकारी पोर्टल आज भी FIPS प्रमाणित USB token पर रखा Class 3 Digital Signature Certificate ही माँगते हैं। इसमें आयकर e-filing, MCA और ROC फाइलिंग, GST, EPFO और ESI, DIN और डायरेक्टर eKYC, आयात-निर्यात के लिए DGFT, तथा e-tendering और e-procurement पोर्टल शामिल हैं।
अगर कोई पोर्टल आपसे प्रमाणपत्र रजिस्टर करने को कहता है, या साइन करते समय token में से प्रमाणपत्र चुनने को कहता है, तो आपको DSC चाहिए — वहाँ eSign काम नहीं आएगा। कौन-सा डिवाइस लें, यह जानने के लिए USB token गाइड देखें, और ड्राइवर तथा डाउनलोड यूटिलिटी के लिए डाउनलोड पेज देखें।
क्या eSign हस्ताक्षर कानूनी रूप से वैध है?
हाँ। इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत मान्यता प्राप्त है, और eSign, Controller of Certifying Authorities द्वारा तय ढाँचे के भीतर ही काम करता है। हस्ताक्षर में हस्ताक्षरकर्ता की पहचान और समय-मुहर दोनों दर्ज रहती हैं, और साइन किया गया दस्तावेज़ खोलने वाला कोई भी व्यक्ति उसे सत्यापित कर सकता है।
E-SignIndia से eSign लेना
2015 से नोएडा में Digital Signature Certificate जारी कराने के साथ-साथ हम eSign भी उपलब्ध कराते हैं। हमें बताइए कि आप क्या साइन कर रहे हैं, लगभग कितने दस्तावेज़ हैं, और उन्हें कहाँ जमा करना है — हम दोनों में से जो आपके लिए सही है, वही सेट कर देंगे। और अगर जवाब यह हुआ कि आपको हमारी ज़रूरत ही नहीं है, तो वह भी साफ़ बता देंगे।
eSign के बारे में E-SignIndia से बात करें। +91 89200 56551, +91 120 4321443 या +91 93547 14615 पर कॉल करें, सोम–शनि 9:30 AM–6:30 PM, या info@e-signindia.com पर ईमेल करें। पैसे देने से पहले हम आपको बता देंगे कि आपकी फाइलिंग के लिए eSign सही है या Digital Signature Certificate।